कच्छ के छोटे रण के नाम से पहचाने जाने वाले हलवद के टिकर रणकांठा क्षेत्र में स्थित घुड़खर अभयारण्य की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अभयारण्य क्षेत्र और उसके आसपास अवैध रूप से किए गए नमक के ढेरों और प्लॉटों पर कब्जा करने वाले 14 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
हलवद वन विभाग के आरएफओ के.एम. करमटा द्वारा इन 14 व्यक्तियों को नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर अवैध अतिक्रमण हटाने या भूमि के स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने या अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि समय पर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर जेसीबी सहित भारी मशीनरी के जरिए अतिक्रमण हटाने की अभियान चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विलुप्तप्राय प्रजाति ‘घुड़खर’ के संरक्षण के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। अभयारण्य की सीमा या उसके आसपास हो रहे अतिक्रमण से वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है

