सुरेंद्रनगर जिले के चोटीला पंथक में अवैध शराब कारोबार और असामाजिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और पीजीवीसीएल (पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) ने संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाया। राजकोट–अहमदाबाद नेशनल हाईवे के आसपास अवैध शराब की कटिंग और बिक्री की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए लोकल क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस और पीजीवीसीएल की कुल 43 टीमों ने चोटीला शहर, नानी मोलडी, जानी वडला और कांधासर गांवों में 19 सूचीबद्ध बूटलेगरों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर छापेमारी की।
इस संयुक्त कॉम्बिंग और बिजली जांच अभियान के दौरान इन बूटलेगरों के घरों और बैठने के स्थानों पर व्यापक तलाशी ली गई। छापेमारी में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद पीजीवीसीएल ने कुल 1 करोड़ 30 लाख 90 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने पर 6 वाहनों को डिटेन किया गया और मौके पर ही 9,300 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी वसूला गया।
कार्रवाई के दौरान कई बूटलेगर अपने घरों को ताला लगाकर फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने ताले तोड़कर अंदर जांच की। जांच में सामने आया कि कई आरोपी अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे और औसतन हर घर में 2-2 एयर कंडीशनर जैसे उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे थे। पीजीवीसीएल ने सभी अवैध कनेक्शन तुरंत काट दिए।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन सभी 19 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में शराबबंदी उल्लंघन, मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों सहित कई केस दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि केवल जुर्माना लगाकर कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अब सभी 19 बूटलेगरों की संपत्तियों का पूरा विवरण मंगवाया गया है। यदि उनके मकान या बंगले अवैध जमीन पर बने पाए गए, तो उन पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कड़ी चेतावनी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अधिकांश बूटलेगर भूमिगत हो गए हैं। इस पूरे अभियान में सुरेंद्रनगर पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलु, लिम्बडी के डीवाईएसपी, लोकल क्राइम ब्रांच, चोटीला और लिम्बडी डिवीजन के पीआई, पीएसआई सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तथा पीजीवीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल रहे।
