आज लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में जनजातीय विकास के लिए ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ (डीएजेजीयूए) के अंतर्गत विकास हेतु 7 ब्लॉकों में 156 गांवों की पहचान की गई है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में दो एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएं (आईटीडीपी), नामतः आईटीडीपी भरमौर और आईटीडीपी पांगी हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) के अंतर्गत, आईटीडीपी भरमौर में 30 गांवों और आईटीडीपी पांगी में 48 गांवों को कवरेज के लिए चुना गया है। जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए), भारत सरकार के उपायों (हस्तक्षेपों) के अंतर्गत, अब तक आईटीडीपी भरमौर में 551.11 लाख रुपये और आईटीडीपी पांगी में 851.00 लाख रुपये की राशि की परियोजनाओं को अनुमोदित किया गया है
