भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाकर 14 फरवरी 2026 कर दिए जाने के बाद सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति ने बड़ा फैसला लिया है। BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) के रूप में नियुक्त शिक्षकों को फरवरी तक शैक्षणिक कार्य से मुक्त कर दिया गया है, ताकि वे मतदाता सूची संशोधन की राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी कर सकें।
इसके चलते अब सूरत की कई नगर प्राथमिक स्कूलों में स्थायी और विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षक कक्षा शिक्षण के बजाय मतदाता सूची सुधार कार्य में लगे रहेंगे, जबकि संविदा आधारित शिक्षक छात्रों को पढ़ाते नजर आएंगे। इस व्यवस्था को लेकर पहले ही शिक्षा समिति की सामान्य सभा में विवाद हो चुका है और BLO शिक्षकों को मुक्त कर पुनः शैक्षणिक कार्य में लगाने की मांग उठी थी।
शिक्षा समिति द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने इस कार्य को अत्यंत गंभीर और समयबद्ध बताया है। किसी भी प्रकार की चूक से भविष्य में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण BLO से जुड़े शिक्षकों को पूर्ण प्राथमिकता के साथ यह कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिपत्र में यह भी उल्लेख है कि 7 फरवरी 2026 तक संबंधित शिक्षकों को मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा और पूर्व अनुमति के बिना कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिन स्कूलों में 70 प्रतिशत से अधिक स्टाफ BLO कार्य में लगा हो, वहां अन्य स्कूलों या जोन से अस्थायी रूप से शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब आगामी फरवरी तक सूरत के कई स्थायी शिक्षक घर-घर जाकर मतदाता सूची संशोधन का कार्य करेंगे, जबकि अस्थायी शिक्षक छात्रों को शिक्षा प्रदान करते नजर आएंगे।

