सुरेंद्रनगर में कलेक्टर कार्यालय पर ED की छापेमारी क्यों हुई? जानिए चौंकाने वाला कारण

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सुरेंद्रनगर जिले में सामने आए कथित भूमि घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलेक्टर डॉ. राजेंद्र पटेल, नायब मामलतदार चंद्रसिंह मोरी सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई ध्रांगध्रा के पास बड़ी मालवण गांव में स्थित घुडखर अभयारण्य के समीप सोलर प्लांट को नियमों का उल्लंघन कर मंजूरी दिए जाने के आरोपों के बाद की गई है।

आरोप है कि निजी कंपनी द्वारा सोलर प्लांट में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय सतर्कता आयोग में शिकायत किए जाने के बाद ED ने छापेमारी की। मामले के सामने आने के बाद सुरेंद्रनगर के कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाकर ‘वेटिंग इन पोस्टिंग’ पर डाल दिया गया है, जबकि जिला विकास अधिकारी (DDO) के.एस. याज्ञिक को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, सोलर प्लांट की वास्तविक लागत करीब 850 करोड़ रुपये होने के बावजूद इसे केवल 60 करोड़ रुपये दर्शाया गया, जिससे वन्यजीव संरक्षण शुल्क के रूप में लगभग 7.90 करोड़ रुपये की कथित चोरी की गई। चूंकि यह प्लांट घुडखर अभयारण्य के नजदीक है, इसलिए कुल निवेश का 1 प्रतिशत राशि सरकार को जमा करना अनिवार्य था।

इसके अलावा आरोप है कि बिना आवश्यक राजस्व और किसानों की अनुमति के ही प्लांट को मंजूरी दी गई। अप्रैल 2025 से चालू इस सोलर प्लांट से प्रतिदिन 35 से 40 लाख रुपये की बिजली उत्पादन होने का दावा किया गया है। स्थानीय किसानों ने भूमि, सड़कों और पानी की पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए हैं। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते मामला आखिरकार केंद्र तक पहुंचा, जिसके बाद ED की कार्रवाई सामने आई।

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Author: sajagkutch

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