देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की तरह ही अब अहमदाबाद में भी जलजनित संकट गहराता जा रहा है। शहर के चार प्रमुख ज़ोन में 150 से अधिक ऐसे इलाके हैं, जहां 30 से 50 वर्ष पुरानी पानी और ड्रेनेज लाइनें आज भी मौजूद हैं। इन जर्जर लाइनों के कारण लोगों को दूषित और बदबूदार पानी मिल रहा है, जिससे पेट की बीमारियां आम हो गई हैं।
इसके बावजूद, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी ‘स्वच्छ और हाइजेनिक पानी’ के दावे कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
शहर के 150 से अधिक क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति
अहमदाबाद के कोट क्षेत्र और मध्य ज़ोन, साथ ही दक्षिण, पूर्व और उत्तर ज़ोन के कई हिस्सों में पॉल और चाली इलाकों की भरमार है। ये क्षेत्र संकरी गलियों और पुराने मकानों से घिरे हुए हैं।
कई जगहों पर चाली के मकानों के नीचे से ही पानी और ड्रेनेज की लाइनें गुजरती हैं, जिससे गटर ओवरफ्लो, ड्रेनेज बैकफ्लो और पानी में बदबू या गंदगी मिलना आम समस्या बन गई है।
नगर निगम अब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।
स्थायी समाधान में अड़चन, काम बेहद धीमी गति से
नगर निगम का तर्क है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान करना है, तो चालियों के मकान तोड़कर नीचे नई पानी और ड्रेनेज लाइनें डालनी होंगी।
दो वर्ष पहले तत्कालीन नगर आयुक्त ने कोट क्षेत्र में पुरानी लाइनों को बदलने के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज मंजूर किया था, लेकिन आज तक उसका पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो पाया।
मध्य ज़ोन में लाइन बदलने का काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है और इसे पूरा होने में अभी 2 से 3 साल और लग सकते हैं। तब तक लोगों को इसी परेशानी के साथ जीना पड़ेगा।
दूषित पानी से प्रभावित प्रमुख क्षेत्र
मध्य और दक्षिण ज़ोन:
खाडिया, सारंगपुर, दौलतखाना, काकाबळीयानी पोल, रतनपोल, भज गोविंदनी खड़की, जयेंद्र पंडित नगर, पंचमुखी महादेवनी चाली, रायपुर दरवाजा क्षेत्र।
जमालपुर और आसपास:
टोकर्शानी पोल, सौदागरनी नानी-बड़ी पोल, मिरज़ापुर, लोढवाड़, शाहपुर मिल कंपाउंड, सिंधी वाड, काचनी मस्जिद।
शाहपुर क्षेत्र:
सरकारी कॉलोनी के कई ब्लॉक, भगुभाई की चाली, इंदिरानगर झुग्गियां, आलमपुरा।
पूर्व और उत्तर क्षेत्र:
बापूनगर, गुजरात हाउसिंग बोर्ड, सरसपुर, शारदाबेन अस्पताल के आसपास, जीएम कंपाउंड।
दक्षिण क्षेत्र:
बेहरामपुरा, फतेहनगर, बॉम्बे होटल क्षेत्र, रामापीरनी चाली, संतोष नगर, दाणीलीमडा, मजदूरगाम।
अन्य इलाके:
वटवा, नारोल, खानवाड़ी, गोमतीपुर, सुंदरम नगर सहित कई क्षेत्र।
