भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी थमता नजर नहीं आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 385 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 81,794 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 91 अंक टूटकर 25,141 के स्तर पर खुला। इसी के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर होकर 91.07 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में निफ्टी पर डॉ. रेड्डीज लैब्स, ग्रासिम, कोल इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील और ओएनजीसी के शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि भारती एयरटेल, श्रीराम फाइनेंस, अपोलो हॉस्पिटल्स, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस के शेयर दबाव में रहे।
मंगलवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत टूटकर 25,232.50 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से केवल एचडीएफसी बैंक के शेयर ही बढ़त के साथ बंद हुए थे, जबकि बाकी 29 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी।
अमेरिकी बाजारों में आई बड़ी गिरावट का असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ की धमकी से अमेरिकी बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 870.74 अंक यानी 1.76 प्रतिशत गिरकर 48,488.59 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 में 143.15 अंक यानी 2.06 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 6,796.86 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 561.07 अंक यानी 2.39 प्रतिशत टूटकर 22,954.32 पर बंद हुआ।
तकनीकी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। एनवीडिया के शेयर 4.38 प्रतिशत, अमेजन 3.40 प्रतिशत, एप्पल 3.46 प्रतिशत, माइक्रोसॉफ्ट 1.16 प्रतिशत और टेस्ला के शेयर 4.17 प्रतिशत तक गिर गए।
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.28 प्रतिशत और टॉपिक्स 1.09 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.09 प्रतिशत और कोस्डैक में 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार में जारी अस्थिरता और गिरावट के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सोने और चांदी में निवेश बढ़ने से इनके भाव रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए हैं। सोने की कीमत 0.8 प्रतिशत बढ़कर 4,806 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। वहीं चांदी की कीमत 0.4 प्रतिशत बढ़कर 95.01 डॉलर प्रति औंस हो गई, जो अपने रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब है।
दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की कार्रवाई के बाद ब्रेंट क्रूड 1.31 प्रतिशत गिरकर 64.07 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 1.21 प्रतिशत गिरकर 59.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कुल मिलाकर वैश्विक संकेतों की कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा बाजार में दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
शेयर बाजार में भारी गिरावट का कहर: सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर
👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें
और पढ़ें
- विज्ञापन
