किस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को उनकी आँख की गंभीर समस्या के कारण रात के समय पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS), इस्लामाबाद में विशेष इलाज के लिए ले जाया गया। यह घटना 24 फरवरी 2026 को हुई, जब खान को उनके जेल (अदियाला जेल) से अस्पताल स्थानांतरित किया गया और उन्हें दूसरी डोज़ एंटी-VEGF इंट्रावित्रियल इंजेक्शन दी गई, जो एक विशेष प्रक्रिया है ताकि उनकी दृष्टि को बचाया जा सके।
डॉक्टरों ने पूरी जांच के बाद बताया कि खान औपचारिक रूप से ‘क्लिनिकली स्थिर’ हैं, और उनके दिल की जांच (इकोकार्डियोग्राम और ईसीजी) भी सामान्य पाई गई। अस्पताल में यह इलाज डेकयर सर्जरी के रूप में किया गया, और उसके बाद उन्हें आवश्यक सलाह के साथ जेल वापस भेज दिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार खान के लिए कुल तीन इंजेक्शनों की योजना है, जिसमें से दूसरा इंजेक्शन इसी दौरान दिया गया है और तीसरा इंजेक्शन 24 मार्च 2026 को देने की उम्मीद है।
🏥 विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया
PTI और खान के समर्थकों ने इलाज के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आलोचना की कि खान को रात्रि के समय बिना पारिवारिक और निजी डॉक्टरों को जानकारी दिए अस्पताल ले जाया गया। PTI नेताओं और खान के परिवार ने सख्त कहा है कि उनका इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और भरोसेमंद अस्पतालों में होना चाहिए।
सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि खान को कड़ी सुरक्षा के साथ अस्पताल ले जाया गया और उन्हें वह सब चिकित्सा सुविधाएँ दी गईं जिनकी कानूनी और मानवीय रूप से आवश्यकता थी। सरकार का दावा है कि खान की स्थिति में सुधार हो रहा है।
👁️ स्वास्थ्य स्थिति
खान की आँख की समस्या गंभीर बताई जा रही है, और कुछ स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि उनके दाएँ आँख की दृष्टि का केवल लगभग 15% ही बचा है। उनके पक्ष में कई समर्थकों और राजनीतिज्ञों के अलावा प्रसिद्ध क्रिकेटरों ने भी उनकी बेहतर देखभाल और चिकित्सा सुविधाओं की अपील की है।
यह मामला पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जहाँ स्वास्थ्य और मानवाधिकार की चिंताओं को लेकर विवाद जारी है।
