अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई ट्रेड पॉलिसी अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के हवाले से कुछ प्रमुख उत्पादों पर नए आयात शुल्क (Tariffs) लगाने पर विचार कर रहा है, जिसमें बड़ी बैटरियां, कास्ट आयरन, प्लास्टिक पाइप, औद्योगिक रसायन (chemicals), पावर ग्रिड उत्पाद और टेलीकॉम उपकरण शामिल हैं।
ये प्रस्तावित शुल्क 1962 के ट्रेड कानून के सेक्शन 232 के अंतर्गत लगाए जा सकते हैं, जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर विदेश से आयात होने वाली वस्तुओं पर शुल्क लगाने की शक्ति देता है। पूर्व में इसी कानून का इस्तेमाल स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स पर शुल्क लगाने के लिए किया गया था।
🇮🇳 भारत पर संभावित असर
अगर अमेरिका इन नए टैरिफ प्रस्ताव को लागू करता है तो इससे भारत जैसे निर्यातक देशों के लिए चुनौती बढ़ सकती है। विशेष रूप से बैटरी, रसायन तथा टेलीकॉम उपकरणों के निर्यातकों को अपने उत्पादों के अमेरिकी बाजार में उच्च शुल्क का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ सकता है।
🧑⚖️ सुप्रीम कोर्ट का फैसला और भविष्य
हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पहले से लागू कई टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन सेक्शन 232 के तहत नए शुल्क लगाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस विकास के चलते वैश्विक व्यापार में नई तनाव की स्थिति बन सकती है, जो न सिर्फ भारत, बल्कि अन्य देशों के निर्यात और औद्योगिक संबंधों पर भी असर डाल सकती है।
