छोटा उदेपुर में ₹200 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट संकट में: डामर महंगा होने से काम ठप होने की नौबत

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गुजरात के छोटा उदेपुर जिले में सड़क निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। जिले में लगभग ₹200 करोड़ की लागत से चल रहे सड़क निर्माण कार्य डामर (बिटुमेन) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार, डामर की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया है। पहले जहां डामर करीब ₹53,000 प्रति टन मिलता था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग ₹62,000 प्रति टन हो गई है। यानी सीधे ₹9,000 प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ठेकेदारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

सिर्फ डामर ही नहीं, बल्कि इसके मिश्रण में इस्तेमाल होने वाले लाइट डीजल ऑयल (LDO) के दाम भी ₹53 से बढ़कर ₹63 प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा रिफाइनरियों से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही, जिससे सामग्री की कमी भी सामने आ रही है।

इस संकट का असर पूरे जिले में देखने को मिल रहा है। नासवाड़ी, बोडेली, संखेड़ा, कावंट, पावी जेतपुर, छोटा उदेपुर और कडवाल सहित 7 तालुकों में करीब 10 एजेंसियां सड़क निर्माण कार्य कर रही हैं, लेकिन बढ़ती लागत के कारण अब काम जारी रखना मुश्किल हो गया है।

ठेकेदारों का कहना है कि जब टेंडर बनाए गए थे, तब डामर की कीमतें काफी कम थीं, लेकिन अब अचानक बढ़े दामों के कारण पुराने बजट में काम करना संभव नहीं रहा। यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो कई प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद करने पड़ सकते हैं।

इस स्थिति के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी बताए जा रहे हैं। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर डामर के दामों पर पड़ा है, जिससे देशभर में सड़क परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

Sajag Kutch
Author: Sajag Kutch

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