अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने हालिया सैन्य अभियान के दौरान 46 ईरानी जहाजों को डुबो दिया। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और विवाद शुरू हो गया है।
ट्रंप ने कहा कि सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरानी जहाजों को पकड़ने के बजाय उन्हें डुबो दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जहाजों को कब्जे में लेने की तुलना में उन्हें नष्ट कर देना अधिक आसान और प्रभावी होता है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना द्वारा चलाए गए एक अभियान के दौरान की गई, जिसमें ईरान की समुद्री सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। इस अभियान के तहत कई नौसैनिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
इस बयान के बाद कई राजनीतिक विश्लेषकों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती हैं।
दूसरी ओर अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने और संभावित खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। उनका दावा है कि ऐसे कदम राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी होते हैं।
इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बनी हुई हैं, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
