प्रधानमंत्री ने अनुशासन और मन पर नियंत्रण रखने से अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति संभव है के भाव को व्यक्त करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः।

सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि जिस व्यक्ति की विवेकशील बुद्धि एक सतर्क, वैज्ञानिक सारथी के रूप में कार्य करती है और जिसका मन अनुशासित एवं नियंत्रित होता है, वह जीवन के पथ की जटिलताओं से परे जाकर अंतिम लक्ष्य तक पहुंचता है।

श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है। यह नवाचार और प्रौद्योगिकी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के देशवासियों के संकल्प को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहाः

डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को एक नई पहचान मिली है। इससे नवाचार और प्रौद्योगिकी को अपनाकर देश को नई ऊंचाई पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति दिखती है।

विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः।

सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥

 

sajagkutch
Author: sajagkutch

Leave a Comment

और पढ़ें