भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) 27 जनवरी 2026 को पूरी तरह से अंतिम रूप पा गया है। इसे “सब सौदों का माँ” का करार भी दिया जा रहा है क्योंकि यह दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापारिक बातचीत को सफलतापूर्वक समाप्त करता है।
इस समझौते के तहत यूरोपीय देशों से भारत में आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) में भारी कटौती या पूरी तरह समाप्ति का ऐलान किया गया है। इससे खासकर लग्ज़री कारें (जैसे Mercedes, BMW, Audi आदि), चॉकलेट, वाइन व अन्य शराब और कुछ अन्य वस्तुएँ भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पहले से कहीं सस्ती हो जाएँगी।
उदाहरण के लिए, यूरोप से आयातित लग्ज़री कारों पर अब 110% तक का भारी आयात शुल्क घटकर शुरू में लगभग 40% और बाद में करीब 10% तक लाया जाएगा (विशेष कोटा के तहत) जिससे कारों की कीमत में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
वहीं वाइन और शराब के आयात शुल्क भी पहले की तुलना में कम कर दिये गए हैं — जैसे प्रीमियम वाइन पर लगने वाला भारी 150% शुल्क घटकर 20–30% के बीच हो जाएगा, जिससे शराब की कीमतों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
चॉकलेट, पास्ता और जैसे प्रोसेस्ड फूड पर भी टैरिफ में कटौती या शून्य शुल्क लागू होगा, जिसका सीधा असर इन प्रोडक्ट्स की रिटेल कीमतों में दिख सकता है।
यह समझौता न केवल भारतीय बाजार में यूरोपीय उत्पादों को सस्ता करेगा, बल्कि दोनों तरफ से व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा और आने वाले सालों में आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा।
