पंचमहल जिले के गोधरा शहर की एक अदालत ने एक एक दशक पुराने मारपीट/हमले के मामले में नौ आरोपियों को चार वर्ष के साधारण कारावास (जेल) की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी ठहराए गए लोगों में गोधरा के पूर्व उप नगर आयुक्त भी शामिल हैं, साथ ही रेड क्रॉस सोसायटी के उप‑अध्यक्ष जैसे अन्य स्थानीय व्यक्ति भी शामिल थे। अदालत ने सभी दोषियों को गिरफ्तार कर उन्हें वडोदरा जेल भेज दिया है।
यह मामला गोधरा के स्टेशन रोड इलाके में हुआ था, जब एक व्यक्ति से हाथापाई और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) और अतिरिक्त सिविल जज जिग्नेश दमोड़रा की अदालत में हुई, जिन्होंने सभी नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सज़ा सुनाई।
आरोपियों पर प्रतिवादी व्यक्ति के साथ आक्रामक व्यवहार, शारीरिक आघात और धमकियाँ देने जैसे अपराधों का आरोप था। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर पाया कि इस कृत्य ने पीड़ित को शारीरिक और मानसिक परिणाम दिए और कानून के तहत अपराध सिद्ध हुआ है। सज़ा के हिस्से के रूप में दोषियों को चार वर्ष की जेल की सज़ा तथा मामले को सख्ती से देखा गया। (
यह फैसला सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ पदों पर रहे व्यक्ति भी शामिल थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कोर्ट प्रणाली के समक्ष किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाता है। दोषियों को अब न्यायालय के निर्णय के अनुसार जेल में सज़ा भुगतनी होगी।
