हाल ही में अमेरिका ने दावा किया है कि चीन ने जून 2020 में भारत-चीन के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के कुछ ही दिनों बाद गुप्त परमाणु परीक्षण किया था। इस आरोप को अमेरिकी विदेश विभाग के हथियार नियंत्रण प्रमुख थॉमस डिनानो ने अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण मंच पर उठाया है। वे बताते हैं कि यह परीक्षण चीन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिये ‘डिकपलिंग’ जैसी तकनीक का उपयोग कर छिपाया, जिससे पारंपरिक भूकंपीय निगरानी प्रणाली इसे पहचान न सके।
अमेरिका का मानना है कि यह घटना तनावपूर्ण सीमा टकराव के दौरान चीन की सैन्य गतिविधियों की एक अहम झलक देती है, जबकि चीन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि वह हमेशा परमाणु हथियारों के उपयोग और परीक्षण को लेकर उत्तरदायी रहा है और किसी भी “भ्रामक सिद्धांत” का समर्थन नहीं करता। इस खुलासे ने वैश्विक arms-control वार्ता और भारत-चीन सीमांत स्थिरता पर नई बहस को जन्म दिया है।
