गुजरात के **द्वारका शहर स्थित प्रसिद्ध जगत मंदिर (द्वारकाधीश मंदिर) में हर साल होली-धूलेंटी के अवसर पर फ़ूलडोल उत्सव (फूलडोल Utsav) का भव्य आयोजन होता है। इस वर्ष यह उत्सव 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा, जो कि उस दिन के चंद्रग्रहण (लूनर ईक्लिप्स) के साथ संयोग में है।
चूँकि उस दिन ग्रहण का समय होने के कारण धार्मिक परंपराओं और ग्रहण-सूर्या के प्रभाव को ध्यान में रखकर मंदिर प्रशासन ने दर्शन-सेवा का तिथि-समय पहले घोषित किया है।
📅 फ़ूलडोल उत्सव 2026 की मुख्य जानकारियाँ:
दिनांक: 3 मार्च 2026 (फाल्गुन पूर्णिमा के दूसरे दिन)
उत्सव का समय: सुबह लगभग 11:00 बजे से 12:00 बजे के बीच उत्सव मनाया जाएगा।
दर्शन-सेवा व्यवस्था:
उत्सव के बाद मंदिर दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक दर्शन के लिए बंद रहेगा।
रात 8 बजे के बाद उत्थापन दर्शन और सेवा क्रम फिर से शुरू होगा।
इसके बाद सेवा क्रम चलता रहेगा और रात्रि 11 बजे के बाद शयन दर्शन के साथ मंदिर के द्वार बंद किए जाएंगे।
📌 चंद्रग्रहण के चलते भारत के कई भागों में मंदिरों में ग्रहण-सूतक आदि नियमों का पालन किया जाता है, इसलिए इस बार फ़ूलडोल उत्सव भी भोर से ही आयोजित किया जाएगा और उसके बाद दर्शनों में आवश्यक व्यवस्था रखी जाएगी।
फूलडोल उत्सव में भगवान श्रीकृष्ण को रंगों, फूलों और गुलाल से सजाया जाता है तथा लाखों श्रद्धालु इस आयोजन के लिए द्वारका पधारते हैं।
