गुजरात के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों का मुद्दा आज विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
👉 विधानसभा में गरमाया माहौल
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल की कथित कमी और जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि राज्य में लोग घंटों तक लाइन में खड़े हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर स्थिति को संभालने में विफल रही है।
👉 सरकार का जवाब
इस पर गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने जवाब देते हुए कहा कि
राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है
सप्लाई पूरी तरह सामान्य है
हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं
उन्होंने विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
👉 तीखी बहस और हंगामा
दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप इतने बढ़ गए कि सदन में कई बार हंगामा और व्यवधान की स्थिति बन गई। हालात को शांत करने के लिए स्पीकर को बीच-बचाव करना पड़ा।
👉 UCC को लेकर भी आरोप
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ईंधन जैसे अहम मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए UCC (समान नागरिक संहिता) जैसे विषय ला रही है।
👉 पृष्ठभूमि क्या है?
हाल ही में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण गुजरात के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गई थीं और पैनिक बाइंग देखने को मिली। हालांकि सरकार बार-बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
👉 निष्कर्ष:
पेट्रोल पंपों की कतारों से शुरू हुआ मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। जहां विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सरकार इसे अफवाहों का परिणाम बता रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
