Surat में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही जगह पर विरोधाभासी बोर्ड लगाए गए हैं। शहर के एक प्रमुख मार्ग पर ‘नो पार्किंग’ (वाहन खड़ा करने की मनाही) का बोर्ड लगा है, और ठीक उसके नीचे ‘पे एंड पार्क’ (पैसे देकर पार्किंग) का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
यह मामला पानी नी भीत क्षेत्र के पास सिटी बस स्टैंड के बाहर का बताया जा रहा है। एक तरफ प्रशासन वाहन खड़ा करने से मना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी स्थान पर पार्किंग के लिए शुल्क लेने का संकेत दिया जा रहा है। इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह या तो प्रशासन की बड़ी लापरवाही है या फिर लोगों से अवैध वसूली करने का तरीका हो सकता है। कई नागरिकों ने इस पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
रिपोर्ट के अनुसार, सूरत नगर निगम ने शहर में आय बढ़ाने के लिए कई जगहों पर ‘पे एंड पार्क’ के कॉन्ट्रैक्ट दिए हैं। लेकिन कुछ स्थानों पर कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी वसूली जारी रहने या गलत तरीके से बोर्ड लगाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस घटना के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सही नियम क्या है—यहां पार्किंग करना वैध है या अवैध? प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल की कमी भी इस पूरे मामले में साफ नजर आ रही है।
