राम मंदिर दान विवाद गहराया: नकद और सोना-चांदी के रिकॉर्ड पर उठे सवाल

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अयोध्या स्थित राम मंदिर को मिले दान और चढ़ावे को लेकर इन दिनों बड़ा विवाद सामने आया है। कुछ शिकायतों और आरोपों में दावा किया गया है कि मंदिर को प्राप्त नकद दान, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं हैं। आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो लगातार दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर को वर्षों में प्राप्त हजारों करोड़ रुपये के दान तथा बड़ी मात्रा में सोना-चांदी का पूरा हिसाब उपलब्ध नहीं है। कुछ शिकायतों में सोने, चांदी, हीरे जड़ी और अष्टधातु की ईंटों सहित कई मूल्यवान वस्तुओं के गायब होने का भी दावा किया गया है।

जांच के दौरान SIT ने ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और दान गिनती प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। जांच एजेंसियां नकद दान की गणना, बैंक में जमा राशि, रिकॉर्ड प्रबंधन और बहुमूल्य धातुओं के रखरखाव की प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रही हैं। काउंटिंग हॉल के सीसीटीवी फुटेज और बैंक दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जांच में कई संदिग्धों की पहचान की गई है और कुछ मामलों में नकदी तथा अन्य सामान की बरामदगी भी हुई है। हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी दावे को पूरी तरह सत्य नहीं माना जा सकता।

 

इस बीच, मंदिर ट्रस्ट ने वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित हैं और जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और लोगों को निष्कर्ष आने तक धैर्य रखना चाहिए।

हाल ही में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपते हुए मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुधारों की सिफारिश भी की है।

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Author: sajagkutch

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