पाकिस्तान में खाद्य संकट एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी समेत कई इलाकों में गेहूं की आपूर्ति बाधित होने से आटे की उपलब्धता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन (PFMA) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गेहूं की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो लगभग 45 आटा मिलों का संचालन ठप हो सकता है, जिससे लाखों लोगों के सामने रोजमर्रा की रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब फूड डिपार्टमेंट द्वारा गेहूं आपूर्ति परमिट रोके जाने के बाद मिलों तक कच्चा माल नहीं पहुंच पा रहा है। इससे आटा उत्पादन तेजी से प्रभावित हो रहा है और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो कालाबाजारी बढ़ सकती है और आटे की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
फ्लोर मिल्स एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए गेहूं आपूर्ति परमिट बहाल करने और ऑनलाइन अनुमति प्रणाली दोबारा शुरू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इस्लामाबाद के साथ-साथ रावलपिंडी और आसपास के क्षेत्रों में भी आटे की गंभीर कमी पैदा हो सकती है, जिससे आम नागरिकों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
