मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान की इस कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अमेरिकी और सहयोगी देशों की वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया, जबकि कई स्थानों पर धमाकों और धुएं के गुबार की खबरें सामने आई हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है और चेतावनी दी है कि “यह तो सिर्फ शुरुआत है।” ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि उसके खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहा तो क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह टकराव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संभावित बड़े संघर्ष की आशंका के बीच हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
