​​​​​​​भाषिनी, करंट एआई और कल्पा इंपैक्ट ने VYOMA इनोवेशन चैलेंज का समापन किया, भारत के लिए ओपन-सोर्स एआई समाधान दर्शाए आईआईआईटी-दिल्ली में आयोजित फाइनल में चार नवाचारों को मान्यता दी गई, 10 फाइनलिस्ट टीमों ने अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कार्पोरेशन (डीआईसी) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीज़न (डीआईबीडी) ने करंट एआई और कल्पा इम्पैक्ट के साथ मिलकर आईआईआईटी-दिल्ली में VYOMA इनोवेशन चैलेंज का फ़ाइनल आयोजित किया। इसमें अलग-अलग भारतीय संदर्भों के लिए ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयर के व्यावहारिक एप्लिकेशन विकसित करने वाले शोधकर्ता, छात्र और स्टार्टअप शामिल हुए।

इस चैलेंज में हिस्सा लेने प्रतिभागियों को सुनो सूत्र पर आगे काम करने के लिए कहा गया। सुनो सूत्र एक ओपन-सोर्स, कई बहुभाषीय हैंडहेल्ड एआई रेफरेंस डिज़ाइन है, जिसे भाषिनी और करंट एआई ने मिलकर बनाया है। साथ ही, उन्हें यह भी पता लगाना था कि एआई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को जनहित से जुड़े कामों और स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल के लिए कैसे ढाला जा सकता है।

VYOMA इनोवेशन चैलेंज के फाइनल में 10 फाइनलिस्ट टीमों ने अपने वर्किंग प्रोटोटाइप दिखाए। इन समाधानों में स्वास्थयवाएंकृषिकल्याणकारी योजनाओं तक पहुँचकानूनी सेवाएँ और सुविधाओं तक पहुंच जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल थे। ये समाधान भारत की विविध जरूरतों और असल दुनिया की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए एआई की क्षमता को दिखाते हैं।

फाइनल में 10 फाइनलिस्ट टीमों ने अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया, जिसके बाद जूरी ने उनसे सवाल पूछे और फीडबैक दिया। टीमों ने अपने समाधान पेश किए और दिखाया कि कैसे ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयर को अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों की खास चुनौतियों को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह चैलेंज ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयरबहुभाषीय एआई और एज एआई से जुड़े बड़ी व्यवस्था को भी एक साथ लाया। इसमें हिस्सा लेने वालों ने हार्डवेयर ऑप्टिमाइज़ेशन, मॉडल क्वांटाइज़ेशन, एक्यूरेसी और अच्छे आइडिया को असल दुनिया में लागू करने के तरीकों पर विशेषज्ञों के साथ बातचीत की।

फाइनल में, मंत्रालय की वैज्ञानिक जी‘ कविता भाटिया ने कहा: “भारत वैश्विक एआई का सिर्फ उपभोक्ता बने रहने के बजायतेज़ी से अपनी ज़रूरतों के हिसाब से ओपन और जनहित वाली तकनीक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन सफलता का असली पैमाना यह नहीं है कि यह लैब या पायलट प्रोजेक्ट में क्या काम करता हैबल्कि यह है कि असल दुनिया में लाखों नागरिकों के लिए ये कितना मददगार साबित हो सकता है। VYOMA ओपन-सोर्स हार्डवेयर और भाषिनी की भाषा क्षमताओं को एक साथ लाता है, ताकि एआई को नागरिकों के और करीब लाया जा सके। इसके समाधान स्थानीय स्तर पर काम कर सकते हैंऑफलाइन चल सकते हैंबैंडविड्थ पर निर्भरता कम कर सकते हैं और निजता की सुरक्षा कर सकते हैं। सस्तीहाथ में पकड़ी जा सकने वाली डिवाइस पर अपनी भाषाओं में एआई को चलाने में सक्षम बनाकरयह पहल दिखाती है कि कैसे तकनीक ज्यादा निजीसुलभ और आम लोगों के लिए काम की चीज़ बन सकती है।”

मंत्रालय के वैज्ञानिक ‘, तरुण पांडे ने कहा: “VYOMA जैसे हैकाथॉन युवा अन्वेषकोंशोधकर्ताओं और तकनीक विशेषज्ञों को एक साथ लाने के लिए एक अहम मंच देते हैंताकि वे लोगों के कल्याण के लिए नई तकनीक के वास्तविक इस्तेमाल विकसित कर सकें। यह पहल नवाचार को बढ़ावा देनेदेश की अपनी एआई क्षमताओं को मजबूत करने और भारत की अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करने वाली समावेशी भाषा तकनीक को सक्षम बनाने के लिए भाषिनी की प्रतिबद्धता को दिखाती है। इस चैलेंज से निकले समाधानों में सुलभओपन और स्थानीय रूप से प्रासंगिक एआई तकनीक की व्यापक व्यवस्था में योगदान करने की क्षमता है।”

डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन के सीईओअमिताभ नाग ने कहा: “भाषा समावेशिता का एक हिस्सा हैलेकिन आखिरी छोर तक पहुँचना दूसरा हिस्सा है। VYOMA की शुरुआत ओपनऑफलाइन हार्डवेयर की खोज की ज़रूरत से हुईजो एआई को और अधिक समावेशी बना सकेखासकर विविध और संपर्क की कमी वाले माहौल में। इन टीमों से हमने जो देखा हैवह यह है कि ओपन हार्डवेयर को वास्तविक दुनिया में काम आने वाले समाधानों में बदला जा सकता है। यह आज एक मील का पत्थर हैलेकिन यह एक नई यात्रा की शुरुआत भी है। अब ध्यान यूज़र फीडबैकसहयोग और सीखने की गति के माध्यम से इन समाधानों को बेहतर बनाने पर होना चाहिए।”

फ़िनाले में सुनो सूत्र के रेफरेंस डिज़ाइन को दिखाया गया और VYOMA इनोवेशन चैलेंज  के विकास, हिस्सा लेने वाली टीमों द्वारा विकसित नए इस्तेमाल के तरीकों और ओपन-सोर्स एआई हार्डवेयर तथा एम्बेडेड एआई इकोसिस्टम की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की गई।

VYOMA इनोवेशन चैलेंज में चार नवाचारों को विजेता के तौर पर चुना गया। हर विजेता टीम को उनके नवाचार और जनहित में उनके इस्तेमाल की संभावना के लिए इनाम की राशि दी गई।

VYOMA इनोवेशन चैलेंज में सम्मानित जूरी द्वारा चुने गए शीर्ष चार विजेता थे: टीम आशा सहायकटीम श्रवणटीम संग्रह–अपना साथी और टीम सहायक मित्र– A.V.E.R.A. (ऑटोनॉमस वॉयस-इनेबल्ड एज रूरल एडवाइज़र)।

VYOMA इनोवेशन चैलेंज, सुनो सूत्र के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है, जिसे फरवरी 2026 में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में पेश किया गया था। इसका मकसद ओपन-सोर्स, कई भाषाओं वाले और इंसानों पर केंद्रित एआई हार्डवेयर को बढ़ावा देना है। रेफरेंस डिज़ाइन को नए डेवलपर्स तक पहुँचाकर, इस चैलेंज का मकसद अलग-अलग वातावरण, इस्तेमाल के तरीकों और लागू करने की स्थितियों के हिसाब से प्रयोग और बदलाव को बढ़ावा देना था।

इस चुनौती से आगे बढ़कर, VYOMA का मकसद ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए एक ओपन इकोसिस्टम बनाने में योगदान देना है। साथ ही, यह बहुभाषी और एज एआई को आगे बढ़ाना चाहता है, जिसे भारत की अलग-अलग भाषाई, तकनीकी और कार्य करने योग्य स्थितियों के हिसाब से ढाला जा सके।

इस फाइनल इवेंट ने प्रैक्टिकल, आसानी से इस्तेमाल होने वाले और स्थानीय स्तर पर काम के एआई समाधान विकसित करने के लिए अन्वेषकों, शोधकर्ताओं, सरकारी हितधारकों और इकोसिस्टम पार्टनर्स को एक साथ लाने में एक अहम भूमिका निभाई।

डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीज़न (डीआईबीडीके बारे में

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) का डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीज़न (डीआईबीडी), एआई-पावर्ड बहुभाषीय डिजिटल समावेश के लिए एक राष्ट्रीय प्रणाली बना रहा है। भाषिनी 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय वॉइस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। यह 800 से ज़्यादा सरकारी वेबसाइट्स को चलाता हैइसने बिलियन से ज़्यादा एआई इन्फेरेंस (अनुमान/प्रोसेसिंग) किए हैं और रोज़ाना 24 मिलियन से ज़्यादा एआई इन्फेरेंस प्रोसेस करता है, जिससे लैंग्वेज एआई के ज़रिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को ज़्यादा सुलभ बनाने में मदद मिलती है। नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी (एनएचएलटी) ग्लोबल साउथ में सबसे बड़े इन्फेरेंसिंग प्लेटफार्म में से एक है, जो सरकारी और जनता के लिए उपलब्ध डिजिटल सेवाओं में लैंग्वेज एआई के बढ़ते इस्तेमाल को मदद करता है।

 

 

sajagkutch
Author: sajagkutch

Leave a Comment

और पढ़ें

प्रधानमंत्री 17 सितंबर को नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन करेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 की थीम: ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग लेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन होंगे

पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे : योजना के तहत 30 लाख कारीगर पंजीकृत हुए पीएम विश्वकर्मा की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को कोलकाता में मनाई जाएगी केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी समारोह में उपस्थित रहेंगे

पेयजल और स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए स्वच्छ सेवा आंकालन का शुभारंभ किया ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं के वितरण के आकलन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन रूपरेखा सामुदायिक भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए ग्राम सभा द्वारा सत्यापन

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत के नेट जीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वैच्छिक नेट ज़ीरो कार्रवाई को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय जलवायु मिशनों की निगरानी को सुदृढ़ करेंगे

​​​​​​​भाषिनी, करंट एआई और कल्पा इंपैक्ट ने VYOMA इनोवेशन चैलेंज का समापन किया, भारत के लिए ओपन-सोर्स एआई समाधान दर्शाए आईआईआईटी-दिल्ली में आयोजित फाइनल में चार नवाचारों को मान्यता दी गई, 10 फाइनलिस्ट टीमों ने अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया

​​​​​​​खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग विशेष अभियान 6 के लिए तैयार डीएफपीडी 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चलाएगा अभियान में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान प्रबंधन, ई-कचरे के निपटान और कार्यालय परिसरों के सौंदर्यीकरण पर ध्यान केन्‍द्रित किया जाएगा

प्रधानमंत्री 17 सितंबर को नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन करेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 की थीम: ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग लेंगे सेमीकॉन इंडिया 2026 में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन होंगे

पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे : योजना के तहत 30 लाख कारीगर पंजीकृत हुए पीएम विश्वकर्मा की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को कोलकाता में मनाई जाएगी केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी समारोह में उपस्थित रहेंगे

पेयजल और स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए स्वच्छ सेवा आंकालन का शुभारंभ किया ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं के वितरण के आकलन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन रूपरेखा सामुदायिक भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए ग्राम सभा द्वारा सत्यापन

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत के नेट जीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वैच्छिक नेट ज़ीरो कार्रवाई को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय जलवायु मिशनों की निगरानी को सुदृढ़ करेंगे

​​​​​​​भाषिनी, करंट एआई और कल्पा इंपैक्ट ने VYOMA इनोवेशन चैलेंज का समापन किया, भारत के लिए ओपन-सोर्स एआई समाधान दर्शाए आईआईआईटी-दिल्ली में आयोजित फाइनल में चार नवाचारों को मान्यता दी गई, 10 फाइनलिस्ट टीमों ने अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया