भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के निर्देशों के बाद अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 10 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। इस फैसले का असर देशभर के यात्रियों पर पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, IndiGo ने 94 रूट्स पर प्रतिदिन करीब 130 उड़ानें कम की हैं।
कुछ दिन पहले IndiGo की 1500 से अधिक उड़ानें रद्द होने के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन को गंभीरता से लेते हुए DGCA ने एयरलाइन के संचालन पर सख्त रुख अपनाया और विंटर शेड्यूल में कटौती का आदेश दिया।
हालांकि, IndiGo ने अपने सबसे व्यस्त और मुनाफे वाले रूट्स जैसे दिल्ली–मुंबई, दिल्ली–बेंगलुरु और मुंबई–बेंगलुरु पर किसी भी उड़ान में कटौती नहीं की है। दिल्ली से संचालित उड़ानों की संख्या में कोई कमी नहीं की गई, जबकि मुंबई में केवल दो उड़ानें (एक आगमन और एक प्रस्थान) कम की गई हैं। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली–मुंबई सेक्टर पर अभी भी रोजाना करीब 20 उड़ानें पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पड़ा है, जहां से 52 उड़ानें कम की गई हैं। इसके अलावा हैदराबाद में 34, चेन्नई में 32, जबकि अहमदाबाद और कोलकाता में 22-22 उड़ानों की कटौती की गई है। खासतौर पर कम दूरी वाले रूट्स पर इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहा है।
DGCA ने यह कदम IndiGo के क्रू उपलब्धता, ट्रेनिंग और रोस्टर प्लानिंग में पाई गई खामियों के चलते उठाया है। इससे पहले कई उड़ानें FDTL नियमों, मौसम और ATC से जुड़ी समस्याओं के कारण रद्द हुई थीं। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने एयरलाइन को रूट कटौती की चेतावनी दी थी, जिसके बाद IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स को भी मंत्रालय में तलब किया गया।
इन घटनाक्रमों के बाद IndiGo ने उड़ानों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में इसका असर खासकर अहमदाबाद–मुंबई जैसे व्यस्त सेक्टर्स पर यात्रा करने वाले यात्रियों को महसूस हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।
