‘हम आपके बारे में सोच रहे हैं…’ न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने जेल में बंद उमर ख़ालिद को लिखा पत्र

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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के नवनियुक्त मेयर ज़ोहरान ममदानी ने जेल में बंद भारतीय छात्र कार्यकर्ता उमर ख़ालिद को हाथ से लिखा एक भावुक पत्र भेजकर अपना समर्थन जताया है। यह पत्र 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आया है और इसे उमर ख़ालिद के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।

पत्र में क्या लिखा है?

यह पत्र दिसंबर 2025 में उस समय लिखा गया था, जब उमर ख़ालिद के माता-पिता अमेरिका यात्रा पर थे। पत्र में ज़ोहरान ममदानी ने लिखा,
“प्रिय उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं, जिनमें तुमने कहा था कि कड़वाहट को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। तुम्हारे माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम सभी तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं।”

इस पत्र को उमर ख़ालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके बाद इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उमर के पक्ष में एक बड़े नैतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी नेताओं के हस्ताक्षर, अंतरराष्ट्रीय समर्थन मजबूत

इस पत्र पर अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर भी हैं, जिनमें
जेम्स पी. मैकगवर्न, जैमी रास्किन, क्रिस वैन हॉलन और भारतीय मूल की सांसद प्रमीला जयपाल शामिल हैं। यह समर्थन उमर ख़ालिद के मामले को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती देता है।

पुरानी दोस्ती और लगातार समर्थन

यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय मूल के मुस्लिम नेता ज़ोहरान ममदानी ने उमर ख़ालिद का समर्थन किया हो। वर्ष 2023 में न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उमर ख़ालिद द्वारा जेल से लिखा गया पत्र सार्वजनिक रूप से पढ़ा था। उस समय ममदानी ने उमर को नफरत, हिंसा और लिंचिंग के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला साहसी व्यक्ति बताया था। मेयर बनने के बाद भी उनका यह समर्थन जारी रहना चर्चा का विषय बना हुआ है।

अमेरिका से उठ रही है न्याय की मांग

इसी बीच अमेरिका के सांसद जेम्स पी. मैकगवर्न सहित आठ सांसदों ने भारत के राजदूत को पत्र लिखकर उमर ख़ालिद और अन्य मुस्लिम कार्यकर्ताओं की लंबी हिरासत पर गंभीर चिंता जताई है। पत्र में कहा गया है कि जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और कई मानवाधिकार संगठनों को उमर को आतंकवाद से जोड़ने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। सांसदों ने भारत से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का पालन करते हुए शीघ्र सुनवाई या रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

उमर ख़ालिद की मौजूदा स्थिति

उमर ख़ालिद वर्ष 2020 से दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में यूएपीए के तहत जेल में बंद हैं। हाल ही में दिसंबर 2025 में उन्हें बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत मिली थी। बनोज्योत्सना लाहिड़ी के अनुसार, जमानत की अवधि के दौरान उमर ने पूरा समय घर पर ही बिताया और शर्तों के कारण कहीं बाहर नहीं जा सके। जमानत अवधि समाप्त होने के बाद वे दोबारा जेल लौट गए हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर का यह पत्र न केवल उमर ख़ालिद के लिए भावनात्मक संबल माना जा रहा है, बल्कि भारत में लंबी न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों को लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय बहस को भी हवा दे रहा है।

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Author: sajagkutch

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