गांधीनगर में भी ‘इंदौर जैसी स्थिति’… 3 गांधीनगर में भी ‘इंदौर जैसी स्थिति’… 3 दिनों में टाइफाइड के 180 से अधिक मामले, पानी पीने लायक नहीं

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देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हाल ही में फैले जलजनित रोगों के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी वैसी ही गंभीर स्थिति सामने आई है। शहर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड का प्रकोप फैल गया है। पिछले तीन दिनों में 104 बच्चों सहित कुल 180 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज देना पड़ा है। चिकित्सकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामलों की संख्या और बढ़ सकती है


पानी से फैली बीमारी, पुराने सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित

इंदौर की तरह गांधीनगर में भी जल संकट (जलजनित रोग) सामने आया है। दूषित पेयजल के कारण शहर के पुराने सेक्टर—सेक्टर 24, 25, 26 और 27, साथ ही आदिवाड़ा और GIDC क्षेत्र में टाइफाइड तेजी से फैला है।
इन इलाकों में रहने वाले परिवारों में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें बड़ी संख्या में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। रोजाना टाइफाइड के नए मरीज सामने आ रहे हैं


अस्पतालों में बेड की कमी, अतिरिक्त वार्ड खोलना पड़ा

शनिवार, 3 जनवरी की शाम तक गांधीनगर सिविल अस्पताल में बच्चों के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई, जिससे बाल रोग विभाग में बेड कम पड़ गए। हालात को देखते हुए प्रशासन को तत्काल एक अतिरिक्त वार्ड खोलना पड़ा

फिलहाल सिविल अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है, जबकि मेल और फीमेल वार्ड में भी करीब 80 अन्य मरीज भर्ती हैं।


डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए अन्य केंद्रों से बुलाया गया स्टाफ

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल में अन्य विभागों और जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) और अन्य डॉक्टरों को बुलाया गया है
इतना ही नहीं, शहर की निजी अस्पतालें भी टाइफाइड के मरीजों से भरती जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ गया है।

Sajag Kutch
Author: Sajag Kutch

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