वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। राजधानी काराकास पर भीषण हवाई हमले के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया है। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) नाम दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि करते हुए कहा है कि वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन होने तक अमेरिका वहां का नियंत्रण अपने हाथ में रखेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का दुनिया को कड़ा संदेश
इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पूरी दुनिया को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि
“वेनेजुएला के खिलाफ की गई यह कार्रवाई दुनिया के सभी देशों और नेताओं के लिए एक संदेश है। जो भी अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाएगा, उसका अंजाम भी ऐसा ही होगा।”
‘मादुरो वैध राष्ट्रपति नहीं थे’
मार्को रुबियो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि निकोलस मादुरो वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति नहीं थे और यह राय सिर्फ अमेरिका की नहीं है।
उन्होंने बताया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल, बाइडेन प्रशासन और मौजूदा ट्रंप कार्यकाल के दौरान ही नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने मादुरो को वैध राष्ट्रपति मानने से इनकार किया था।
2020 में मादुरो पर लगा था 5 करोड़ डॉलर का इनाम
रुबियो ने यह भी बताया कि 2020 में अमेरिका में मादुरो के खिलाफ आरोप तय किए गए थे और उन पर 50 मिलियन डॉलर (5 करोड़ डॉलर) का इनाम रखा गया था।
उनके अनुसार, मादुरो को कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने टकराव का रास्ता चुना।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर कार्रवाई क्यों की?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि
-
मादुरो ने ईरान को वेनेजुएला आने का न्योता दिया,
-
अमेरिकी तेल जब्त किया,
-
अमेरिका में गैंग सदस्यों को भेजा,
-
और अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
रुबियो के मुताबिक, मादुरो को लगा कि वह अमेरिका को चुनौती देते रहेंगे और कोई जवाब नहीं मिलेगा, लेकिन वे गलत साबित हुए।
‘ट्रंप जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं’
राष्ट्रपति ट्रंप का जिक्र करते हुए रुबियो ने कहा,
“अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति कोई दिखावटी नेता नहीं हैं। जब वे कहते हैं कि वे कुछ करेंगे, तो उसे पूरा भी करते हैं।”
हमले में 40 लोगों की मौत का दावा
अमेरिकी एयरस्ट्राइक में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला सरकार के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि काराकास में हुए हमले में नागरिकों और सैनिकों समेत कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है।
