गीर गढ़ड़ा तालुका के नए उगला गांव के निवासी युवक का पहले तलाक हो चुका था। इसके बाद उसने करीब 11 महीने पहले दूसरा विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसके चलते पत्नी मायके चली गई और कोर्ट में भरण-पोषण का केस दर्ज करा दिया। इसके बाद युवक पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाने लगा।
घटना से एक दिन पहले युवक ने एक भावुक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में उसने कहा,
“अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर देना। अब मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसके जिम्मेदार मेरे ससुर, मेरी पत्नी, साला और वकील हैं। तलाक के लिए मुझसे 2 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं, जबकि मेरे पास एक रुपया भी नहीं है। मैं सबसे अलग रहता हूं, फिर भी मुझ पर अत्याचार किया जा रहा है। मेरी पत्नी किसी और के साथ भाग गई थी, फिर भी मैंने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन अब वही लोग मुझसे पैसे मांग रहे हैं।”
वीडियो में युवक ने साफ तौर पर पत्नी रूपल, ससुर मनसुखभाई उगाभाई परमार, पत्नी की फुआ शोभा और एक वकील का नाम लेते हुए उन्हें अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया।
वीडियो पोस्ट करने के बाद युवक ने अनाज में डालने वाले जहरीले कीटनाशक का सेवन कर लिया। इसके बाद उसने अपने पिता को फोन कर माफी मांगी और जहर खाने की जानकारी दी। उस समय पिता तुलसीश्याम में मजदूरी के काम से गए हुए थे। सूचना मिलते ही वे तुरंत घर पहुंचे और बेटे को रात में ऊना के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा शोक फैल गया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो को भी सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर वैवाहिक विवादों, मानसिक उत्पीड़न और कानूनी दबाव के गंभीर परिणामों पर सवाल खड़े करता है।
