अहमदाबाद के बाद अब वडोदरा में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के याकूतपुरा मदर मोहल्ला क्षेत्र में आज भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच बुलडोजर कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा लंबे समय से चिन्हित किए गए अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके तहत कई निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित मकानों और व्यावसायिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए थे, बावजूद इसके अतिक्रमण स्वेच्छा से खाली नहीं किए गए। इस कार्रवाई से पहले स्थानीय निवासियों ने सोमवार को कलेक्टर को आवेदन देकर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की थी, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के तहत आज कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, याकूतपुरा क्षेत्र में वर्ष 1995 से अवैध अतिक्रमणों को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। पूर्व में कई बार आदेश भी जारी हुए थे, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया था। वर्तमान में सबसे पहले व्यावसायिक अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है, जिसके बाद आवासीय मकानों पर कार्रवाई की जाएगी। यह भूमि किसी निजी व्यक्ति की नहीं बल्कि सरकारी सर्वे नंबर की बताई जा रही है। इस क्षेत्र में कुछ धार्मिक स्थल भी अवैध रूप से बनाए गए हैं, जिन्हें भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद के वाटवा इलाके में स्थित वांदरवट तालाब क्षेत्र में भी आज से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। वहां कुल 420 आवासीय और 30 व्यावसायिक अतिक्रमणों को हटाया जाना है। यह पूरी कार्रवाई चार चरणों में की जाएगी। वर्ष 2010 से पहले बसे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था देने की योजना है, जबकि धार्मिक स्थलों को छोड़कर अन्य सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा।
वडोदरा में चल रही इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 300 अधिकारी-कर्मचारी और 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए 12 हिताची मशीनें और 4 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है।
अवैध निर्माण हटाने के साथ-साथ तालाब के किनारे बने टीपी रोड को भी खुला किया जा रहा है। इस क्षेत्र से 18 और 24 मीटर चौड़े रोड गुजरने हैं, जो फिलहाल केवल 8 मीटर चौड़े रह गए थे। सड़क पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को हटाकर सड़क और तालाब क्षेत्र को मूल स्वरूप में लाने की दिशा में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है।
