भारत में पर्यावरण से जुड़े बड़े मुद्दे सुर्खियों में हैं। वायु प्रदूषण पर काबू पाकर आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में अरबों डॉलर के लाभ की संभावना जताई जा रही है। वहीं, सिक्किम में जंगलों में लगी आग अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों ने हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से अचानक बाढ़ (ग्लेशियल फ्लड) के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
वैश्विक स्तर पर, 2025 को अब तक का तीसरा सबसे गर्म वर्ष बताया गया है, जिसने जलवायु संकट की गंभीरता को और उजागर किया है। अमेरिका में भीषण शीतकालीन तूफान ने जनजीवन प्रभावित किया, जबकि एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रकृति संरक्षण की तुलना में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले निवेश 30 गुना अधिक हैं—जो दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है।
