ज्योतिष के अनुसार 2026 के फरवरी में मंगल ग्रह और राहु की युति बनी है, जिससे एक विशेष ग्रह संयोजन अंगारक योग उत्पन्न होगा। इस योग को वैदिक ज्योतिष में अशुभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि मंगल ऊर्जा, संघर्ष और क्रोध का कारक है, जबकि राहु भ्रम, अचानक बदलाव और अनपेक्षित परिस्थितियों का प्रभाव बढ़ाता है। इस ग्रह-युति का प्रभाव विशेष रूप से कुछ राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
विशेषकर तीन राशियों के जातकों को सावधान रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दौरान अचानक परेशानियाँ, कार्य में बाधाएँ, मानसिक तनाव और वित्तीय उलझनें बढ़ सकती हैं। उन्हें धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी, ताकि इस ग्रह-योग के प्रभाव को कम किया जा सके।
