गुजरात के राजकोट में आज (24 फ़रवरी 2026) नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने ड्रग्स, नशा और अवैध शराब के बढ़ते दुष्प्रभाव के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध में कई NSUI सदस्यों ने अर्धनग्न अवस्था में सड़क पर उतरकर नशे के खिलाफ सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
NSUI कार्यकर्ताओं का आरोप था कि राज्य में ड्रग्स तथा अवैध शराब का व्यापार और युवा वर्ग में नशे का फैलाव बढ़ रहा है, जबकि शराबबंदी के कायदे का प्रभावी लागू नहीं होने के कारण नशा और शराब आसानी से बाजार में उपलब्ध होने लगे हैं। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि यह समस्या खासकर स्कूल–कॉलेज के छात्रों और युवा वर्ग को बर्बाद कर रही है, इसलिए इसे लेकर सरकार को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने राजकोट के व्यस्त किशनपारा चौक पर सड़क पर बैठकर रोष जताया और ‘ड्रग्स मुक्त गुजरात’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने अर्धनग्न होकर यह संदेश दिया कि नशा युवाओं की जिंदगी को जैसे खोखला कर रहा है। इस दौरान ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
राजकोट पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को हटाया और उन्हें अस्थायी रूप से हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह प्रदर्शन सार्वजनिक मार्ग पर अवरोध उत्पन्न कर रहा था, इसलिए सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू की है।
गुजरात एक ड्राई स्टेट (शराब निषेध राज्य) है, जहां शराब की बिक्री और सेवन पर पाबंदी है, लेकिन कई बार अवैध शराब और नशे के मामलों पर पुलिस और प्रशासन को आलोचना का सामना करना पड़ा है। पिछले सालों में पुलिस ने बड़ी मात्रा में ड्रग्स और अवैध शराब जब्त करने जैसे बड़े ऑपरेशन भी किए हैं, लेकिन नशा-सम्बन्धी सामाजिक समस्याएँ अभी भी कई क्षेत्रों में बनी हुई हैं।
