गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मैच के टिकटों का मुद्दा भी चर्चा का विषय बन गया। कई विधायकों ने सदन में यह शिकायत उठाई कि अहमदाबाद में आयोजित होने वाले इस बड़े क्रिकेट मुकाबले के टिकट उन्हें उपलब्ध नहीं हो सके।
विधायकों का कहना था कि राज्य में आयोजित इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में जनप्रतिनिधियों को भी मैच देखने के लिए टिकट मिलने चाहिए थे। लेकिन टिकटों की भारी मांग के कारण कई विधायकों को भी टिकट नहीं मिल पाए, जिससे उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि टिकटों के वितरण में उचित व्यवस्था और पारदर्शिता नहीं दिखाई दी, जिसके कारण कई लोग टिकट पाने से वंचित रह गए। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गर्म भी हो गया।
यह फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित किया गया, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम माना जाता है और जिसकी दर्शक क्षमता बहुत बड़ी है। ऐसे बड़े आयोजन के कारण टिकटों की मांग भी असाधारण रूप से अधिक रही।
मैच से पहले टिकटों की भारी मांग के चलते ब्लैक मार्केटिंग की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को अधिक कीमत पर टिकट बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि कुछ लोग ऑनलाइन खरीदे गए टिकटों को कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विधानसभा में यह मांग उठी कि भविष्य में ऐसे बड़े खेल आयोजनों में टिकट वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
