तेलंगाना में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 (एसबीएम-यू 2.0) के अंतर्गत शहरी स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी अपने दैनिक व्यवहारों में बदलाव लाकर किया जा रहा है। एक लक्षित 100-दिवसीय सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान (आईईसी) के माध्यम से, समुदायों और शहरी स्थानीय निकायों ने स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्थायी व्यवहार परिवर्तन में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए मिलकर काम किया।
तेलंगाना में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 (एसबीएम-यू 2.0) के अंतर्गत शहरी स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी अपने दैनिक व्यवहारों में बदलाव लाकर किया जा रहा है। एक लक्षित 100-दिवसीय सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान (आईईसी) के माध्यम से, समुदायों और शहरी स्थानीय निकायों ने स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्थायी व्यवहार परिवर्तन में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए मिलकर काम किया।
राज्य सरकार के स्वच्छता के लिए एक व्यापक आंदोलन खड़ा करने के संकल्प को दर्शाते हुए, 100-दिवसीय कार्य योजना का औपचारिक शुभारंभ बड़े पैमाने पर जन एकजुटता के साथ किया गया। 250 कि.मी. तक फैली रैलियों में 36,900 नागरिकों ने भाग लिया, जो अभियान की शुरुआत में ही सामुदायिक भागीदारी का एक सशक्त और स्पष्ट प्रमाण था। इस शुभारंभ ने अभियान की पूरी अवधि के दौरान जन-केंद्रित गतिविधियों के एक सतत कार्यक्रम की नींव रखी।
इस अभियान के एक प्रमुख घटक के रूप में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें कचरे के स्रोत पर पृथक्करण और घरेलू खाद बनाने की प्रणालियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस पहल के अंतर्गत, तेलंगाना के शहरी क्षेत्रों में 27.09 लाख घरों को जागरूक किया गया। इस अभियान का उद्देश्य घरेलू स्तर पर जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन व्यवहार को बढ़ावा देना था – जो स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत परिकल्पित अपशिष्ट प्रबंधन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान ने पर्यावरण संबंधी उद्देश्यों के अनुरूप, ‘अमृत मित्र – वृक्षों के लिए महिलाएं’ पहल को लागू किया, जिसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 10,704 महिला सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से 24,708 पौधे लगाए गए। यह पहल शहरी समुदायों में पर्यावरण संरक्षण के लिए महिलाओं को सक्रिय भागीदार बनाने के राज्य के दृष्टिकोण को दर्शाती है। इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, तेलंगाना के शहरी स्थानीय निकायों में 113 कि.मी. की रैलियों में 13,488 नागरिकों ने भाग लिया जो एक हरित और टिकाऊ शहरी भविष्य के प्रति राज्य के दृष्टिकोण की पुष्टि करता है।
शहरी स्वच्छता में अग्रिम पंक्ति के सफाईकर्मियों के अपरिहार्य योगदान को मान्यता देते हुए, इस अभियान में इस कार्यबल के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समर्पित घटक शामिल किया गया। राज्यव्यापी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 25,386 सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया, जहां चिकित्सा जांच और सहायता सेवाएं प्रदान की गईं। यह पहल शहरी स्वच्छता सेवा वितरण में अग्रणी भूमिका निभाने वालों की गरिमा, स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
शहरी अवसंरचना के रखरखाव पर केंद्रित इस अभियान के अंतर्गत तेलंगाना में 18,351 कि.मी. लंबी जल निकासी नालियों और नालों की सफाई की गई। यह व्यापक प्रयास शहरी बाढ़ को कम करने, जल निकासी दक्षता में सुधार करने और जलजनित एवं परजीवी जनित रोगों के जोखिम को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये सभी परिणाम एसबीएम-यू 2.0 के जन स्वास्थ्य और स्वच्छता लक्ष्यों के अनुरूप हैं। इस अभियान में जन स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण भी शामिल किया गया, जिसके अंतर्गत मौसमी रोगों की रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान के अंतर्गत तेलंगाना में 15,02,819 घरों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही, राज्य में 621 पेयजल टैंकों की सफाई की गई, जिससे शहरी निवासियों को सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। ये प्रयास एसबीएम-यू 2.0 के व्यापक ढांचे के अंतर्गत स्वच्छता और जन स्वास्थ्य के प्रति राज्य के एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
100-दिवसीय कार्य योजना ने स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आजीविका और महिला सशक्तीकरण के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाया। कुल 1,045.04 करोड़ रुपये के ऋण 8,546 स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए गए, जिससे महिला नेतृत्व वाले समूहों की वित्तीय क्षमता मजबूत हुई। अभियान के अंतर्गत आयोजित स्ट्रीट फूड फेस्टिवल और मेलों में स्वयं सहायता समूहों उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे 77.12 लाख रुपये की बिक्री हुई-जो स्वच्छता पहलों को स्थानीय आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने की क्षमता को दर्शाता है।
तेलंगाना की 100-दिवसीय कार्य योजना, एसबीएम-यू 2.0 के अंतर्गत संरचित, परिणामोन्मुखी सूचना, शिक्षा एवं संचार और सामुदायिक सहभागिता का एक सशक्त उदाहरण है। इसी गति को बनाए रखते हुए, राज्य ने स्वच्छता, जल आपूर्ति, गर्मी से राहत, नागरिक सहभागिता और शासन सुधारों सहित शहरी सेवा वितरण को सुदृढ़ करने और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रित 99-दिवसीय कार्य योजना (मार्च-जून 2026) शुरू की है। स्पष्ट लक्ष्यों के साथ—कचरा मुक्त सड़कें और सुरक्षित पेयजल से लेकर सुदृढ़ शिकायत निवारण और बढ़ी हुई नागरिक भागीदारी तक—यह पहल सतत व्यवहार परिवर्तन की दिशा में एक बदलाव को दर्शाती है। स्रोत पृथक्करण और घरेलू कंपोस्टिंग पर घर-घर जाकर जागरूकता अभियान सहित व्यापक स्तर पर किए गए जागरूकता अभियान, जिसमें 65 लाख से अधिक घरों को शामिल किया गया है, स्वच्छता रैलियां, 194 स्वच्छता अभियान, स्वच्छता कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविरों के साथ संडे फनडे गतिविधियां और 22,482 से अधिक नागरिकों को शामिल करने वाले प्रतिज्ञा अभियान, स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक जवाबदेह शहरों के निर्माण के लिए तेलंगाना के नागरिक-नेतृत्व वाले दृष्टिकोण को और मजबूत करते हैं।
