जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम होंगे और सख्त! दो साल से अधिक देरी पर अपनानी होगी विशेष कानूनी प्रक्रिया

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केंद्र सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के दो वर्ष से अधिक समय बाद दी जाती है, तो उसका पंजीकरण पहले की तुलना में अधिक सख्त और विस्तृत प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा। इसका उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ाना है।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, दो वर्ष से अधिक की देरी वाले मामलों में आवेदक को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अतिरिक्त दस्तावेज, सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच के बाद ही पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे वर्षों बाद किए जाने वाले संदिग्ध या गलत पंजीकरण पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि जन्म या मृत्यु की घटना होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही उसका पंजीकरण अवश्य कराएं। समय पर पंजीकरण होने से जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, शिक्षा, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो देश की नागरिक पंजीकरण प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाले दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि, अंतिम नियम लागू होने से पहले सरकार अधिसूचना जारी कर विस्तृत प्रक्रिया और आवश्यक दिशानिर्देश भी जारी करेगी।

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Author: sajagkutch

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