वडोदरा की विश्वामित्री नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के उद्देश्य से लगाए गए पेड़ों को अब गेबियन वॉल निर्माण के लिए हटाया जा रहा है। इस कदम को लेकर पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि नदी किनारे कुछ क्षेत्रों में मिट्टी के कटाव और बाढ़ के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए गेबियन वॉल बनाई जा रही है। ये पत्थरों से भरी जालीदार संरचनाएं नदी किनारों को मजबूत करने और कटाव रोकने में मदद करती हैं।
हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि नदी किनारे मौजूद प्राकृतिक वनस्पति मिट्टी को बांधने और जैव विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बिना वैज्ञानिक योजना के पेड़ों और हरियाली को हटाने से भविष्य में कटाव की समस्या बढ़ सकती है।
विश्वामित्री नदी में पहले भी बाढ़ और किनारों के कटाव की समस्या सामने आई है, जिसके बाद नदी संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण के लिए विभिन्न कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें नदी किनारे स्थिरीकरण, सफाई और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
इस मामले ने विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की जरूरत को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नदी संरक्षण परियोजनाओं में प्राकृतिक उपायों और वैज्ञानिक तकनीकों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
