गुजरात के राजकोट में ‘मैं नाथूराम’ नामक नाटक के मंचन को लेकर बड़ी राजनीति खड़ी हो गई है। इस नाटक को कांग्रेस और NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कुछ कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को स्वरूपित करने के प्रयास के रूप में देखा और इसका प्रदर्शन रद्द करने की मांग की। विरोध जताते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और हॉल में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की, जिससे पुलिस ने करीब 45 लोगों को हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह नाटक महात्मा गांधी की संप्रभुता को ठेस पहुंचा रहा है और इसे अनुमति देना गलत संदेश देता है, जबकि आयोजक इसका इतिहास पर आधारित प्रस्तुति कहना चाहते हैं।
