गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारे जाने के कारण मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। चुनाव आयोग ने नाम वापसी की अंतिम तिथि पूरी होने के बाद भाजपा के चारों उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर दिया।
निर्विरोध निर्वाचित हुए उम्मीदवारों में राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कणजारिया शामिल हैं। गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास भारी बहुमत होने के कारण विपक्षी दलों ने चुनावी मुकाबले से दूरी बनाए रखी। वर्तमान में विधानसभा में भाजपा का संख्याबल 161 के आसपास है, जबकि कांग्रेस के पास 12 और AAP के पास 5 विधायक हैं। इसी राजनीतिक गणित के चलते विपक्ष ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए।
नवनिर्वाचित सांसदों में मुकेश राठवा विशेष रूप से चर्चा में हैं, क्योंकि वे मात्र 38 वर्ष की आयु में राज्यसभा पहुंचने वाले भाजपा के सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गए हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सभी विजेता उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनहित के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने का संकल्प जताया।
इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव यह भी है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि नहीं रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति गुजरात की राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ और कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को दर्शाती है।
गुजरात की इन चार सीटों पर अब 18 जून को प्रस्तावित मतदान नहीं होगा, क्योंकि सभी उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।
