ओमान के तट के निकट एक और वाणिज्यिक जहाज एमटी जलवीर (MT Jalveer) समुद्री सुरक्षा घटना का शिकार हो गया। यह पिछले तीन दिनों में तीसरी ऐसी घटना है, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जहाज पर लगभग 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटना ओमान के शिनास (Shinas) बंदरगाह के पास हुई, जहां जहाज में आग लगने और सुरक्षा संबंधी आपात स्थिति की सूचना मिली। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह स्थानीय ओमानी प्रशासन और नौसेना के साथ लगातार संपर्क में है तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें तट तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओमान की नौसेना और स्थानीय बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत कार्य चलाया, जिससे किसी बड़े मानवीय नुकसान को टाला जा सका।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में दो अन्य जहाजों पर भी हमले और आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें भारतीय नाविक प्रभावित हुए थे। इन लगातार घटनाओं ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय समुद्री कर्मचारियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
भारत सरकार ने स्थिति पर गहरी नजर रखते हुए क्षेत्र में शांति और तनाव कम करने की आवश्यकता पर बल दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और लगातार हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव इसी तरह बना रहा तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित एजेंसियां राहत और निगरानी कार्य में जुटी हुई हैं।
