पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही उठापटक के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद प्रतिमा मंडल ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने वाले कथित पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रतिमा मंडल ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और राजनीतिक अफवाह बताते हुए अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा दोहराई है।
प्रतिमा मंडल ने कहा कि वे अभी भी तृणमूल कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ी हैं और जनता ने उन्हें जिस चुनाव चिह्न पर चुनकर संसद भेजा है, उसके प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में कोई ऐसा पत्र मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए और दिखाया जाए कि उस पर उनके हस्ताक्षर कहां हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में TMC के भीतर असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तिदार सहित कुछ नेताओं ने दावा किया था कि लगभग 20 सांसद NDA को समर्थन देने के पक्ष में हैं और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी भेजा गया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व लगातार इन दावों को चुनौती देता रहा है और पार्टी में एकजुटता बनाए रखने की बात कह रहा है।
प्रतिमा मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी ऐसे अभियान या समूह के बारे में जानकारी नहीं है जो NDA के समर्थन के लिए सांसदों को संगठित कर रहा हो। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर संवाद और एकता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है तथा वे अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विश्वास को टूटने नहीं देंगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं और कई नेताओं के इस्तीफों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। ऐसे समय में प्रतिमा मंडल का सार्वजनिक बयान पार्टी नेतृत्व के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे कम से कम उनके नाम को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
