देश की सबसे बड़ी और सबसे समृद्ध नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सत्ता को लेकर राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और महायुति गठबंधन ने भी बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई के मेयर पद की रेस में अब बड़ा उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) ने दावा किया है कि विपक्ष बहुमत से महज 6 सीट दूर है और मुंबई की राजनीति में कभी भी बड़ा ‘खेल’ हो सकता है।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस दावे के साथ राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। संजय राउत के मुताबिक, विपक्षी खेमे के पास फिलहाल 108 सीटें हैं, जबकि मेयर बनाने के लिए 114 कॉरपोरेटरों का समर्थन जरूरी होता है। उन्होंने कहा, “हमारे पास अभी 108 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 114 है और हम सिर्फ 6 सीट पीछे हैं। मुंबई के राजनीतिक इतिहास में कुछ भी असंभव नहीं है।” उनके इस बयान के बाद सत्ताधारी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है।
227 सीटों वाली BMC में मेयर पद के लिए 114 कॉरपोरेटरों का समर्थन अनिवार्य है। मौजूदा चुनावी आंकड़ों के अनुसार, महायुति गठबंधन में शामिल बीजेपी के पास 89 सीटें हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। इस तरह महायुति के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 4 अधिक हैं।
हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट के दावों के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि यदि कुछ कॉरपोरेटरों ने पाला बदला, तो मेयर पद की बाजी पलट भी सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में BMC की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प और तनावपूर्ण होने के आसार जताए जा रहे हैं।
