सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया: सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराना अनिवार्य

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भारत की सर्वोच्च अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य (मेंस्ट्रुअल हाइजीन) को संविधान के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा माना जाता है और इसी के मद्देनज़र सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लड़कियों को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड्स उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि हर स्कूल में अलग‑अलग लैंगिक शौचालय, जल और सफाई सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएं, और नियमों का पालन न करने वाले प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द भी की जा सकती है। यह कदम लड़कियों के स्वास्थ्य, गरिमा और शिक्षा के अधिकार को मज़बूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

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Author: sajagkutch

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