राजस्थान की खुफिया एजेंसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तार आरोपी पर भारतीय सेना और सीमावर्ती इलाकों से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियाँ साझा करने का आरोप है।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियाँ लंबे समय से संदिग्ध थीं और उसकी डिजिटल व सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था और उन्हें सामरिक महत्व की सूचनाएँ भेज रहा था, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी को हनीट्रैप और पैसों के लालच के जरिए जासूसी नेटवर्क में फंसाया गया। उसने अपने मोबाइल नंबर से जुड़े ओटीपी साझा कर व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म सक्रिय कराने में मदद की, जिसके माध्यम से लगातार संपर्क और सूचनाओं का आदान-प्रदान होता रहा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जयपुर लाकर संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी और किस तरह की जानकारी साझा की गई थी। मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए अहम कदम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे जासूसी नेटवर्क को समय रहते उजागर करना देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इस तरह की गतिविधियों पर आगे भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
