पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने देश की गंभीर आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र एक खुलासा भाषण में स्वीकार किया है कि बार–बार विदेश से कर्ज़ मांगना और आर्थिक मदद के लिए दौरे करना उनके और देश की आत्म–सम्मान को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने कई मित्र देशों का दौरा कर अरबों डॉलर के कर्ज़ के लिए संपर्क किया है, ताकि पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार और वित्तीय संकट को संभाला जा सके।
शहबाज़ ने यह बात इस्लामाबाद में निर्यातकों और व्यापारियों को सम्बोधित करते हुए कही, जहाँ उन्होंने कहा कि कर्ज़ लेने की प्रक्रिया आसान नहीं होती और वह कई बार देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है, क्योंकि कर्ज़ के बदले देशों द्वारा लगाई जाने वाली शर्तों को मानना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के कदम से राष्ट्रीय आत्म–सम्मान पर असर पड़ता है और इससे हमेशा संतुष्टि नहीं मिलती।
