भारतीय रुपए में आज विदेशी मुद्रा बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया और यह डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.04 के स्तर तक पहुँच गया जो पिछले आठ वर्षों में देखा गया सबसे बड़ा समर्थन स्तर माना जा रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार अमेरिकी डॉलर के गिरते वैश्विक संकेतों और ट्रेड बाज़ार में आयी सकारात्मक गतिविधियों के बीच रुपया कमजोर डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और डॉलर के वैश्विक इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसी दौरान पाउंड और यूरो समेत अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी रुपया बेहतर स्थिति में रहा जिससे विदेशी विनिमय बाजार में रुसी दृश्य में असर आया। रुपया आज करीब 1.54 प्रतिशत की तेजी दिखाते हुए गिरते डॉलर को चुनौती दी जिससे करेंसी बाजार में एक प्रकार का ‘स्प्रिंग‑जैसा’ उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विकसित स्थिति निवेशकों तथा आर्थिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकती है और यदि यह रुझान बना रहा तो आने वाले दिनों में वित्तीय बाजारों में और सुधार भी देखने को मिल सकता है।
रुपया मजबूत होकर 8 साल के बाद रिकॉर्ड पर, डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.04 के स्तर तक आया
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