रेलवे ने 10 ट्रेनों से ‘सुपरफास्ट’ दर्जा हटाया, यात्रियों के टिकट किराए में राहत

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भारतीय रेलवे बोर्ड ने संसदीय लोक लेखा समिति की सिफारिश के बाद 10 ट्रेनों से सुपरफास्ट दर्जा हटा दिया है, क्योंकि इनका वास्तविक औसत स्पीड वह मानक नहीं पूरा कर रहा था, जिस पर सुपरफास्ट टैग दिया जाता है। अब ये ट्रेनें सामान्य मेल-एक्सप्रेस की तरह दौड़ेंगी और यात्रियों को टिकट की कीमतों में 5% से 12% तक की कमी मिलेगी।

रेलवे के ऑडिट में पाया गया कि ये ट्रेनें कागजों पर तो सुपरफास्ट थीं, लेकिन असल में 55 किलोमीटर प्रति घंटे के न्यूनतम औसत गति मानक तक नहीं पहुँच पाती थीं। ऐसे में अब उनका सुपरफास्ट दर्जा हटाकर उनका किराया फिर से सामान्य वर्ग के हिसाब से तय किया जाएगा।

टिकट में किराया कटौती 13 अप्रैल से लागू होगा, और इससे स्लीपर, एसी और अन्य श्रेणियों में यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, इन ट्रेनों को अब ट्रैक पर सुपरफास्ट प्राथमिकता नहीं मिलेगी, जिससे इनका यात्रा समय थोड़ा बढ़ सकता है।

यह बदलाव रेलवे द्वारा 2026 के टाइम टेबल के अंतर्गत लगभग 900 ट्रेनों के सुपरफास्ट मानकों की पुनः समीक्षा के हिस्से के रूप में किया जा रहा है, ताकि अनावश्यक सुपरफास्ट सरचार्ज यात्रियों से वसूला न जाए।


Sajag Kutch
Author: Sajag Kutch

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