गुजरात सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 2026 विधानसभा में पेश कर एक बड़ा कदम उठाया है। इस बिल का उद्देश्य सभी धर्मों और समुदायों के लिए शादी, तलाक, विरासत और पारिवारिक मामलों में एक समान कानून लागू करना है।
👉 क्या है UCC बिल का मुख्य उद्देश्य?
इस कानून का मकसद अलग-अलग धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों को हटाकर एक समान नागरिक कानून लागू करना है, जिससे सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय मिल सके। खास तौर पर इसमें महिलाओं के अधिकार और लैंगिक समानता पर जोर दिया गया है।
👉 बिल के प्रमुख प्रावधान:
सभी धर्मों के लिए शादी का अनिवार्य पंजीकरण
एक पत्नी/पति (Monogamy) को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव
तलाक और भरण-पोषण के लिए समान नियम
विरासत (Inheritance) में बेटा-बेटी को बराबर अधिकार
लिव-इन रिलेशनशिप का भी रजिस्ट्रेशन जरूरी
👉 लिव-इन रिलेशनशिप पर बड़ा नियम:
इस बिल के तहत लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को भी कानूनी रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
महिलाओं को भरण-पोषण का अधिकार मिलेगा
बच्चों की जिम्मेदारी दोनों पार्टनर्स की बराबर (50-50) होगी
👉 अन्य महत्वपूर्ण बातें:
बहुविवाह (Polygamy) पर रोक लगाने का प्रावधान
बिना वसीयत के संपत्ति के लिए वारिसों की श्रेणी तय की जाएगी
कुछ समुदायों, खासकर आदिवासी (Scheduled Tribes) को इससे छूट दी जा सकती है
👉 कैसा होगा असर?
राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान पारिवारिक कानून लागू होगा
महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और अधिकार मजबूत होंगे
सामाजिक और कानूनी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है
👉 निष्कर्ष:
गुजरात में UCC बिल 2026 का पेश होना देश की राजनीति और कानून व्यवस्था में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर यह लागू होता है, तो यह न केवल समानता की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा, बल्कि आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
