राम मंदिर चोरी मामले की जांच में बड़ी चुनौती: CCTV का केवल 45 दिन का बैकअप, SIT के सामने सबूत जुटाने की मुश्किल

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अयोध्या स्थित Ram Mandir में कथित दान राशि और आभूषण चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जांच के दौरान सामने आया है कि डोनेशन रूम और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बैकअप केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रहता है। इसके बाद डेटा स्वतः डिलीट हो जाता है, जिससे पुराने घटनाक्रमों की जांच प्रभावित हो सकती है।

SIT ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा व्यवस्था और रिकॉर्डिंग सिस्टम की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं जिनसे सीसीटीवी फुटेज के साथ संभावित छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों और निगरानी प्रणाली से जुड़े लोगों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

जांच के दौरान दान राशि की गिनती की प्रक्रिया, बैंकिंग रिकॉर्ड, सुरक्षा दस्तावेज और कर्मचारियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है। अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि लगभग 200 लोगों की सूची जांच के दायरे में बताई जा रही है।

SIT यह भी जांच कर रही है कि इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और करोड़ों रुपये के सुरक्षा खर्च के बावजूद कथित अनियमितताएं या चोरी कैसे संभव हुई। जांचकर्ताओं का मानना है कि यदि पुराने सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले तो मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ना कठिन हो सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय SIT को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का दायित्व दिया गया है। राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट दोनों ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Author: sajagkutch

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