प्रधानमंत्री ने एकता और पारस्परिक सौहार्द पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि सदैव एकता और पारस्परिक सौहार्द के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया—

“सङ्गच्छध्वं संवदध्वं
सं वो मनांसि जानताम्।

देवा भागं यथा पूर्वे
सञ्जानाना उपासते॥

श्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:

सङ्गच्छध्वं संवदध्वं
सं वो मनांसि जानताम्।

देवा भागं यथा पूर्वे
सञ्जानाना उपासते॥

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Author: sajagkutch

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