गुजरात में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सूरत में महज कुछ घंटों में करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। कई स्थानों पर यातायात धीमा पड़ गया, जबकि लोगों को आवागमन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
राज्यभर में पिछले 24 घंटों के दौरान 33 तालुकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण गुजरात में सबसे अधिक वर्षा देखने को मिली, जबकि सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और उत्तर गुजरात के कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। लगातार बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है, वहीं प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक गुजरात के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, तापी, भरूच, नर्मदा और छोटाउदेपुर सहित दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और खराब मौसम के दौरान मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में गुजरात के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है। इससे जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने और खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है। हालांकि, लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बनी हुई है।
