राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने नई मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार के एसेंशियल सर्टिफिकेट (Essential Certificate) की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए आवेदन करते समय राज्य सरकार का यह प्रमाणपत्र जमा करना आवश्यक नहीं होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है। पहले संस्थानों को आवेदन के साथ राज्य सरकार का एसेंशियल सर्टिफिकेट और संबंधित विश्वविद्यालय का संबद्धता (Affiliation) प्रमाणपत्र देना पड़ता था। अब केवल आवश्यक वित्तीय और संस्थागत मानकों को पूरा करना होगा।
नए नियमों के तहत आवेदन करने वाली संस्था को यह लिखित आश्वासन देना होगा कि उसने मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक कॉर्पस फंड की व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा, पिछले वित्तीय वर्ष का सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) द्वारा जारी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट, जो आवेदन की तारीख से 60 दिनों के भीतर का हो, प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा।
एनएमसी ने नियमों में सख्ती भी बढ़ाई है। यदि किसी मेडिकल कॉलेज की मंजूरी के लिए मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड या आयोग पर किसी व्यक्ति या एजेंसी के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जाती है, तो संबंधित संस्था का आवेदन तत्काल निरस्त किया जा सकता है।
इसके अलावा, नए नियमों के अनुसार आवेदन के समय मेडिकल कॉलेज का पूरा बुनियादी ढांचा, हॉस्टल और अन्य आवश्यक सुविधाएं तैयार होना अनिवार्य होगा। अस्थायी या अधूरी व्यवस्था के आधार पर अब मंजूरी नहीं मिलेगी। इन बदलावों का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना और अनुमोदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।
